अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का एलानजाइड्स कॉन्ट्रैक्ट यूनियन की बैठक में किया गया एलान

■अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का एलान
जाइड्स कॉन्ट्रैक्ट यूनियन की बैठक में किया गया एलान

■सितारगंज। जाइडस कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के सदस्यों ने सितारगंज मंडी में बैठक कर यूनियन के अधिकार के लिए संघर्ष जारी रखने और 9 जुलाई की राष्ट्रीय हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन का निर्णय लिया।
जाइडस कंपनी की अवैध बंदी के तहत पीड़ित ठेका मजदूरों की बैठक में यूनियन के नेता नरेंद्र सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार की मजदूरों के प्रति उपेक्षा, अनदेखी और पूंजीपतियों के प्रति परस्ती के कारण मजदूर संघर्ष करने को मजबूर हैं। ठेका मजदूरों ने ट्रेड यूनियन ऐक्टू के बैनर तले एकता के दम पर अपने संघर्ष को जारी रखा है और ग्रेच्युटी पाने की सफल लड़ाई लड़ी है। जबकि अभी अवैध बंदी का मुआवजा पाने की लड़ाई जारी है। जिसके लिए यूनियन ने हाईकोर्ट की भी शरण ली है। यूनियन अपनी इस लड़ाई में भी सफल होगी।
ऐक्टू के प्रदेश कोषाध्यक्ष ललित मटियाली ने कहा कि सरकार कि जायडस के ठेका मजदूर सरकार और श्रम विभाग की पूंजीपतियों के प्रति परस्ती के कारण तीन साल से अन्याय तब झेल रहे हैं। जब सभी श्रम कानून मजदूरों के पक्ष में है। यदि मोदी सरकार द्वारा लाई गई 4 नई श्रम संहिताएं लागू हो जाती है तो मजदूरों के पास कानूनन लड़ाई लड़ने का हक भी खत्म हो जाएगा। मोदी सरकार ने मजदूरों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने और श्रमिकों का श्रम चूसकर पूंजीपतियों द्वारा बेहिसाब मुनाफा कमाने के लिए पुराने 44 श्रम कानूनों को खत्म कर दिया है। अगर ये श्रम संहिताएं लागू हो जाती है तो मजदूरों का उत्पीड़न, शोषण करने का कानूनी हक फैक्ट्री मालिकों को मिल जाएगा, 8 घंटे के बजाए 12 घंटे काम कराया जाएगा। इन श्रम संहिताओं के खिलाफ पूरे देश में हड़ताल, प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
यूनियन की नेता अनिता अन्ना ने कहा कि हमारी वर्कर्स यूनियन के सदस्य भी 4 श्रम संहिताएं वापस लेने, न्यूनतम वेतन 35000 करने, आशा – आंगनबाड़ी – भोजनमाता जैसे महिला स्कीम वर्कर्स के वेतन और सम्मान देने की मांगों पर होने वाली 9 जुलाई की अखिल भारतीय आम हड़ताल को सफल बनाने के लिए रुद्रपुर गल्ला मंडी में शामिल होंगे।
इस दौरान ज्योति चंद, सूरज भंडारी, आशिक अंसारी, अनीता देवी, रेशमा अहमद,नीलम, भारत सिंह, मीरा देवी, मोहम्मद साहिल, राजकिशोर, प्रदीप कुमार, मनजीत सिंह, काशीराम, संजीव कुमार, प्रद्युम्न, अशोक सिंह, सुरेन्द्र कुमार, हरिओम भारती, पारस, जफर, लाल मनोहर आदि मौजूद थे।








