पूर्वाभ्यास के तहत बाढ में फंसे छात्रों, बच्चों और लोगों को सकुशल बाहर निकाला

■पूर्वाभ्यास के तहत बाढ में फंसे छात्रों, बच्चों और लोगों को सकुशल बाहर निकाला
■सोमवार को 30 जून को मानसून पूर्व तैयारी को लेकर किया गया पूर्वाभ्यास


■सितारगंज। सितारगंज और नानकमत्ता में सोमवार को आपदा प्रंधन की तैयारियों को लेकर मॉकड्रिल आयोंजित की गईं। इस दौरान नानकसागर और बैगुल व सू्खी नदी में फसे छात्रों ,बच्चो और लोगों को रेसक्यू कर सकुशल बाहर निकाला गया। सोमवार सुबह बारिश के चलते आपदा के लिए गठित टीमं, बाढ़ चौकियां सतर्क थीं। सुबह 9.57 बजे मण्डी परिसर में बने कंट्रोल रूम में सूचना पहुँची की बैगुल, सूखी नदी बाढ़ आ गई है। कुछ छात्र बाढ़ में घिर गए है। एसडीएम खटीमा तुषार सेनी ने रेस्क्यू टीम को सतर्क कर एसडीआरएफ को नावों के साथ घटनारथल पर जाने के लिए निर्देशीत किया।

टीम तत्काल रवाना हो गई। 10.17 बजे छात्रों को सकुशल निकाले जाने की सूचना कंट्रोल रूम को मिली। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी रवाना की गई ताकि उनका इलाज हो सके। बाढ़ चौकी बरुआबाग में टीम को रवाना किया गया। 10.20 बजे नानकसागर का जलस्तर बढ़ने की सूचना कंट्रोल रूम में पहंची। तहसीलदार हिमांशु जोशी ने आपदा प्रबधन टीम को सतर्क रहने के निदेश दिए। 10.37 बजे नानकसागर में नाव डूबने और बच्चों के फंसे होने की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ टीम,एम्बुलेंस,स्वास्थ्य महकमे की टीम रवाना कर दी गई। तहसीलदार हिमांशु जोशी भी घटनास्थल को रवाना हो गए। दोनों ही टीमो ने बाढ़ में फंसे बच्चों और लोगों को सुरक्षित निकालकर घायलों का इलाज कराया। गांव में बाढ़ को देखत हए रेडकॉस, स्काउट गाइड, अग्निशमन विभाग,पशुचिकित्सा विभाग,पुलिस टीम, स्वास्थ्य विभाग की टीम,जल संस्थान, होमगार्ड, पीआरडी जवानों को भी मौके पर भेजा गया। जीआईसी शक्तिफार्म में हेलीपैड बनाया गया था। इस दौरान सितारगंज बरुआबाग चौकी नानकमत्ता की बाढ़़ चौकियों पर प्रभावितों के रहने, खाने के इंतजाम तैयारियों का’ पूर्वाभ्यास किया। दक्षिणी जौलासाल के वन विभाग की टीम ने रेंजर महेश जोशी अगुवाई में मगरमच्छ को रेस्क्यू किया। 57वी वाहिनी। एसएसबी अफसरों ने मॉकड्रिल की पर्वक्षक के तौर पर निगरानी की। एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि मॉकड्रिल तेयारियां परखी गई।








