आढ़ती पिता पुत्र ने मुंशी और पल्लेदार के नाम से खुलवाये फर्जी खाते,मुकदमा दर्ज

■आढ़ती पिता पुत्र ने मुंशी और पल्लेदार के नाम से खुलवाये फर्जी खाते,
■2.87 करोड़ का किया लेनदेन -कोर्ट के आदेश पर आढ़ती राम अवतार गोयल और मोहित गोयल के खिलाफ एफआईआर

■सितारगंज। अपने यहां काम करने वाले मुंशी और पल्लेदार का फर्जी खाता खुलवाकर आढ़ती और उसके बेटे ने 2.87 करोड़ का लेनदेन किया। जब बैंक की ओर से टीम जांच करने पहुंची तो परिवार को जानकारी हुई। पुलिस से शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आढ़ती पिता पुत्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रामेश्वरी पत्नी धन सिंह निवासी-पिंडारी थाना सितारगंज ने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि उसका पूरा परिवार मजदूरी करता है। उसके पति धन सिंह रामऔतार गोयल और उनके बेटे मोहित गोयल की राईस मिल/फर्म निंरजनलाल सत्यनारायन कृषि उत्पादन मण्डी समिति सितारगंज में पल्लेदारी मजदूरी का कार्य करते थे। फर्म के मालिक रामऔतार गोयल ने उसके पुत्र को पल्लेदारी से हटाकर छोटा मुनीम बना दिया।आरोप है कि पति व पुत्र के सीधेपन का फायदा उठाकर फर्म के मालिक व उसके पुत्र मोहित गोयल ने षडयंत्र के तहत कहा कि अनुसूचित जनजाति के भूमिहीन परिवारों की महिलाओं को सरकार आर्थिक मदद देने वाली है। तुम लोग खाते खुलवा लो पैन कार्ड मैं बनवा दूंगा। मोहित गोयल ने पूरे परिवार के पैन कार्ड भी बनवा दिए।11 दिसंबर 2018 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शाखा सितारगंज में उसकी बेटी अभिनेश के नाम से खाता सं0-601502010005471 व दिनांक-12 दिसंबर 2018 को दूसरी पुत्री मिथलेश के नाम से खाता सं0 601502010005472 खोला गया। पूरे परिवार को विश्वास में लेने के लिए दोनों खातों में मोहित गोयल गवाह बना और बैंक के फार्म में हस्ताक्षर किए। खातों की पास बुक भी अपने पास रख ली। 2-3 माह बाद रामऔतार गोयल व मोहित गोयल ने पूरे परिवार के आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो यह कहकर ले लिये कि बैंक वाले पूरे परिवार के पेपर मांग रहे हैं। खाता खुलने के बाद सरकार से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली।लगभग डेढ वर्ष बाद उसके घर बैंक के जांच अधिकारी आए और बताया कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सितारगंज में आपके पूरे परिवार के खाते खुले हैं। खातों में लाखों का लेन देन हुआ है। हम बैंक खातों की आडिट कर रहे हैं। आप जो इनकम टैक्स भरते है हमे उसके पेपर चाहिए। हमने जांच अधिकारी को बताया कि हमने मिल/फर्म मालिक के कहने से लड़कियों के खाते खोले थे। हमने पूरे परिवार के खाते नहीं खोले। मेरे पति-पुत्र ने मालिक रामऔतार गोयल व मोहित गोयल से पूछा तो सही जबाब नहीं मिला। दोनों ने मेरे पति और बेटे को डांट कर भाग दिया। साथ ही नौकरी से निकाल दिया। पति ने बैंक जाकर पता किया तो जानकारी हुई कि सिंगल व संयुक्त 4 फर्जी खाते खुले हैं। बैंक से खाताधारक का नाम व खाता संख्या मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई करनी चाही तब रामऔतार गोयल व मोहित गोयल ने पूरे परिवार को डराया व धमकाया।उसके पुत्र ने दिनांक 14 दिसंबर 2020 को उच्च अधिकारयों को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया। 10 जनवरी 2023 को यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया शाखा सितारगंज से सभी खातों की सूचना मांगी गई तो पता चला कि चार फर्जी खाते खुले हैं। उसकी पुत्रियों के ओरिजनल खाता अभिनेश के खाता सं0-601502010005471 से 3,78,840/- का लेन देन हुआ है। क्रम संख्या -33015321 से 33015340 तक 20 चेक जारी हुए। 02 चेक खातें में इस्तेमाल किए गए। 18 चेक बचे हैं। मिथलेश के खाता सं0-601502010005472 में 10,26,699 का लेन देन हुआ है। क्रम -33015341 से 33015360 तक 20 चेक जारी हुये हैं। 01 चैक खाते में प्रयोग किया 19 चैक बचे हैं।
■ इंसेट
■चार फर्जी खातों का विवरण
पांच मार्च 2019 को उसके पति धन सिंह के नाम से खाता सं0-6015010005672 फर्जी निशानी अंगूठा लगाकर खोला गया, और मोहित गोयल ही गवाह (साक्षी) बना है। इस खाते में मोहित गोयल ने स्वंय भी दिनांक-30 अगस्त 2019 को 5,27,150/- जमा किये हैं। कम सं0-33023901 से 33023920 तक 20 चेक जारी हुए, चार चेक खाते में इस्तेमाल हुये। 16 चेक बचे हैं। खाते में 42,40,688.29 (बयालिस लाख चालिस हजार छः सौ अठासी रुपये) का लेन देन हुआ है। 05 मार्च 2019 को प्रार्थिनी रामेश्वरी व पुत्रियां अभिनेश व मिथलेश के नाम से संयुक्त खाता 601502010005673 फर्जी हस्ताक्षर कर खोले गए। इसमे गवाह (साक्षी) तोहिद खान नाम का व्यक्ति है। जिसका कोई पता व मो० नम्बर नहीं लिखा है। फिर भी फार्म से स्वीकृत किया गया। इस खाते में मिल/फर्म निंरजनलाल सत्यनारायन के नाम से आरटीजीएस से चार दिसंबर 2019 को 5,63,000 व 7,00,000 निकाले गए। क्रम संख्या 10002541 से 10002560, 33018471 से 33018490 तक 40 चैक जारी हुए, 16 चेक खाते में इस्तेमाल हुए हैं। 24 चैक बचे है। इस संयुक्त खाते में 1,14.09.752.17 (एक करोड़ चौदह लाख नौ हजार सात सौ बाबन रूपये सत्रह पैसे) का लेन देन हुआ है। 08 मार्च 2019 को उसके पुत्र पप्पू सिंह व पुत्रवधु रूपवती के नाम से सुयक्त खाता सं0-601502010005678 फर्जी हस्ताक्षर कर खोला गया और गवाह (साक्षी) तोहिद खान है। क्रम सं0-33018621 से 33018640 तक 20 चेक जारी हुए नौ खाते में इस्तेमाल हुये 11 बचे हैं। इस संयुक्त खाते में मु0 51,67,670.11 (इक्कयावन लाख सड़सठ हजार छह सौ सत्तर रुपये ग्याराह पैसे) का लेन देन हुआ है। 14 मार्च 2019 को उसकी पुत्री मिथलेश व दामाद नर सिंह के नाम से संयुक्त खाता सं0-601502010005688 फर्जी हस्ताक्षर कर खोला गया और गवाह (साक्षी) के बिना ही खाता खुल गया। क्रम संख्या-33019241 से 33019260 तक 20 चेक जारी हुए। 06 चैक खाते में इस्तेमाल हुये है। इस खाते में मिल/फर्म निरंजन सत्यनारायण के नाम से आरटीजीएस से दिनांक 04 दिसंबर 2019 को 9,50000 व दिनांक-25 फरवरी 2020 को 850000 रुपये निकाले गए। 14 फरवरी 2020 को 840000 मोहित गोयल द्वारा जमा किये गए। इस संयुक्त खाते में 78,93,359.52/-रू० (अठत्तर लाख तिरानबे हजार तीन सौ उनसठ रुपये बावन पैसे) का लेन देन हुआ। चारों फर्जी खातो में कुल 2.87.13,386.57/- करोड़ (दो करोड़ सतासी लाख तेरह हजार तीन सौ छियासी रूपये सत्तावन पैसे) का लेन देन हुआ है। सूचना के माध्यम से प्राप्त बैंक फार्म की प्रतियों से मिलान करने पर प्रार्थिनी व प्रार्थिनी के परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर व निशानी अंगूठा फर्जी हैं। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रामअवतार गोयल और मोहित गोयल पर मुकदमा दर्ज कर लिया है।








