मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने भेजा सीएम को ज्ञापन

■मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों ने भेजा सीएम को ज्ञापन
■सितारगंज। नगर पालिका परिषद सितारगंज के समस्त पर्यावरण मित्रों ने विनय वाल्मीकि के नेतृत्व में बुधवार को अधिशासी अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।

ज्ञापन में कहा गया कि पूर्व समझौता नुसार सफाई कर्मियों की मांगों को पूरा किए जाने के सम्बंध में सफाई कर्मियों से सम्बंधित मांग पत्र पर समझौता होने उपरांत भी शासन में निराकरण के लिए लंबित है। 27 जुलाई 2021 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता मे मांगों को पूरा करने हेतु समझौता हुआ। जिनके कार्यवृत्त जारी हुए तथा रयाल कमेटी का भी गठन किया गया, परंतु आज तक उन मांगों को पूरा नहीं किया है। जिससे यही प्रतित होता है की प्रदेश सरकार सफाई कर्मचारी के प्रति विलकुल भी गम्भीर नहीं है जिस कारण सफाई कर्मियों मे भारी आक्रोश है और आंदोलन की राह पर जाने को पुनः विवश हैं।
मांगपत्र में कहा गया कि स्थानीय निकायों सहित मेंडिकल संस्थानों व शैक्षिक संस्थानों में सफाई कार्य में व्याप्त ठेका प्रथा को समाप्त करते हुऐ समस्त अस्थाई सफाई कर्मचारियों, अस्थायी व आउटसोर्स कर्मियो को संविदा मे समायोजित किया जाए।संविदा सफाई कर्मियो/ चालको / आउटसोर्स व उपनल कर्मियों के विनियमितीकरण करने की कार्यवाही शासन स्तर पर गतिमान है लेकिन मौहल्ला स्वच्छता समिति कर्मियो को इस लाभ से वंचित रखा गया है। संविदा कर्मियो के साथ-साथ वर्षो से अपनी सेवाऐ दे रहे मौहल्ला स्वच्छता समिति कर्मियो का भी विनियमितीकरण किया जाए, सम्मानजनक जीवन यापन करने हेतु पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुनः लागू किया जाए। -सफाई कर्मचारी का विशेष पद घोषित करते हुए व शिथिलता वरतै हुए मृतक आश्रित नौकरी को बहाल किया जाए, वर्षो से प्रभारी पर्यावरण पर्यवेक्षक के रूप में कर रहे सफाई कर्मचारियों को स्थाई पर्यावरण पर्यवेक्षक के पद पर पदोन्नति की जाए, नजूल भूमि पर निवास कर रहे सफाई कर्मचारियों को हल्द्वानी जिला नैनीताल के दमुआढ़ूंगा क्षेत्र की तर्ज पर मालिकान हक दिया जाए।










