ठेकेदार ने आठ साल बिना बिल दिए जलाई बिजली,ठेकेदार के घर बिजली विभाग की विजिलेंस का छापा

■ठेकेदार ने आठ साल बिना बिल दिए जलाई बिजली
■18 अगस्त 2022 को 1559 रुपये का किया था अंतिम बिल भुगतान
■सितारगंज। सितारगंज में विभागीय ठेकेदार पर बिजली विभाग ने खूब मेहरबानी की। जहां विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को बिजली बिल भुगतान करने का नियम है वहीं ठेकेदार आठ साल तक बिना बिजली बिल दिए कनेक्शन का उपायोग करता रहा। उसने 2018 में एक बार और अंतिम बार 2022 मे बिल का भुगतान किया है। इसके बाद भी उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। विभागीय अधिकारी उसके ऊपर अब तक मेहरबान हैं। सितारगंज की बिजली कालोनी में विभागीय ठेकेदार सुशील चौहान रहता है। उसकी पत्नी चेतना चौहान के नाम से बिजली विभाग ने 2017 में कनेक्शन नम्बर 882h142197647 जारी किया था। कनेक्शन लेने के साथ ही उसका बिल आना बंद हो गया। 18 अक्टूबर 2018 को उसे 1559 रुपये का बिल जारी किया गया। इसके बाद 17 अगस्त 2022 को अंतिम बिल ऊर्जा निगम की ओर से दिया गया।
इस बीच ऊर्जा निगम के अधिकारी कर्मचारी उसके उसके ऊपर मेहरबान रहे। हर बार उसका री बिल होता रहा। इसके अलावा कई बार एडजस्टमेंट दिखाया गया। ऊर्जा निगम के लोग उससे बिल वसूल करने की जहमत नहीं उठा सके। इधर, ऊर्जा निगम के एमडी एके यादव ने कहा कि देखा जाएगा कि ठेकेदार का बिल क्यों नहीं जारी किया गया। जांच कर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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ठेकेदार के घर बिजली विभाग की विजिलेंस का छापा
ऊर्जा निगम की विजिलेंस ने विभागीय ठेकेदार के घर छापा मारा। इस दौरान अधिकारियों ने ठेकेदार को फटकार लगाई और कहा कि विभागीय जानकारी होने के बाद भी नियमों के विपरीत काम करना गलत है। उन्होंने तत्काल स्मार्ट मीटर लगाने और पिछला पूरा बकाया बिल देने के निर्देश दिए। टीम में सहायक अभियंता अमित आर्य, एसडीओ राजेन्द्र प्रसाद पाठक और जेई महेंद्र सिंह शामिल थे।











