कार्यशाला में समान नागरिक संहिता की दी जानकारी

कार्यशाला में समान नागरिक संहिता की दी जानकारी

■कार्यशाला में समान नागरिक संहिता की दी जानकारी

■सितारगंज। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को समान नागरिक संहिता विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रेनू रानी बंसल ने मां सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलन कर किया। कार्यक्रम संचालन डाँ दीक्षा खंपा ने किया। कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ दीपा मखोलिया ने समान नागरिक संहिता की मुख्य विशेषताएं और इसकी प्रावधानों की सामान्य जानकारी दी। उन्होंने 26 मार्च 2010 तक के बाद हुई विवाह पंजीकरण की अनिवार्यता को बताते हुए डिजिटल पोर्टल की उपलब्धता की जानकारी बताई। डॉ मोहन चंद आर्य इतिहास विभाग ने बताया कि यू.सी.सी लागू होने से न्यायिक प्रक्रिया सरल होगी और कानूनी प्रक्रिया मैं स्पष्टता आएगी ।समाजशास्त्र विभाग अध्यक्ष डॉ अभिमन्यु कुमार ने जानकारी दी की समान नागरिक संहिता की क्या फायदे हो सकते हैं और क्या नुकसान हो सकते हैं उन्होंने यह भी बताया कि यू.सी.सी लागू होने से महिला अधिकारों को सुरक्षा मिलेगी । सामाजिक न्याय और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा।डॉक्टर प्रज्ञा सिंह अंग्रेजी विभाग अध्यक्ष द्वारा इसके महत्ता और उद्देश्यों को बताया गया। अंत में बच्चों के लिए खुली चर्चा सत्र का आयोजन किया गया जिसमें बच्चों के द्वारा कई प्रश्न पूछे गए जिसमें एक छात्रा ने पूछा की उत्तराखंड से बाहर रहने वाले उत्तराखंड के लोगों पर भी लागू होता है इसके उपरांत महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रेनू रानी बंसल ने समान नागरिक संहिता को लेकर अपने विचार प्रस्तुत किये। यहां डॉ विमला सिंह,डॉ अभिमन्यु कुमार, डॉ एमसी आर्य, डॉ संजय टम्टा, दीक्षा खंपा,डॉ राजविंदर कौर,डॉक्टर शोभा पांडे, डॉ प्रज्ञा सिंहा, डॉ दुर्गा तिवारी, डॉक्टर गीतांजलि मिश्रा आदि मौजूद रहे।

Narayan singh Rawat

Chief Editor 9917435143

You cannot copy content of this page