सरकारी अस्पताल में दो पक्षों में चले धारदार हथियार, तोड़फोड़ कर कर्मचारियों से हाथापाई

●सरकारी अस्पताल में दो पक्षों में चले धारदार हथियार, तोड़फोड़ कर कर्मचारियों से हाथापाई

■नारायण सिंह रावत
■सितारगंज। मारपीट में घायल दो पक्ष सरकारी अस्पताल में भी आपस में भिड़ गए। अस्पताल परिसर में दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई और धारदार हथियार चले। बीच बचाव करने पहुंचे अस्पताल के कर्मचारियों से भी आरोपियों ने हाथापाई और गाली गलौज की। ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने मामले की तहरीर कोतवाली में दी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर लक्ष्मण सिंह बृजवाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह रात में इमरजेन्सी ड्युटी में तैनात थे। इस दौरान सुखविन्दर सिंह पुत्र मोखर सिंह, सुखदेव सिंह पुत्र चरन सिंह, बूटा सिंह पुत्र मोखर सिंह, सरबजीत सिंह पुत्र जगीर सिंह, जगदेव सिंह पुत्र मक्खन सिंह, मंजीत कौर पत्नी जगदेव सिंह, जसमीत सिंह पुत्र मुख्त्यार सिंह, सुरजीत कौर पत्नी मोखर सिंह निवास टुकड़ी नानकमत्ता आपसी विवाद होने के कारण चोटिल होने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आए थे। दोनों पक्ष चिकित्सालय परिसर में इमरजेन्सी कक्ष के समीप अस्पताल स्टाफ के सामने ही भीड़ गए । दोनों पक्ष में धारदार हथियारों से मारपीट व गाली गलौज शुरू कर दी। इमरजेन्सी रूम में रखे फर्नीचर को क्षतिग्रस्त कर दिया। अस्पताल के कर्मचारियों ने समझाने का प्रयास किया तो उक्त लोगों द्वारा अस्पताल स्टाफ को भी गालीगलौज करते हुए हाथापाई की गई। आरोपियों ने बीच में न आने की बात कहकर जान से मारने की धमकी दी। जिससे अस्पताल में उपचाराधीन मरीजों के उपचार करने में बाधा उत्पन्न कर सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई गई। इधर बुधवार सुबह अस्पताल के चिकित्सक और कर्मचारी कोतवाली पहुंचे और अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था ठीक करने की मांग की। चिकित्सकों ने पुलिस को बताया कि कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं । इस कारण अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाए। इस दौरान डॉ0 रविन्द्र सिंह,डॉ0 अतुल कुमार, मयंक नैनवाल,फार्मासिस्ट केएन गोस्वामी,राज त्रिपाठी आदि उपस्थित थे!

■इनसेट
स्वतंत्रता दिवस के दिन भी अस्पताल में चले थे चाकू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई बार ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। वर्ष 2016 में स्वतंत्रता दिवस के दिन अस्पताल में दो पक्ष में चाकू बाजी हुई थी। कुछ ही देर में उसे दिन पुलिस पहुंच गए लेकिन दोनों पक्षों को अलग करने में पुलिस के पसीने छूट गए थे। उसे दौरान आठ लोग घायल हुए थे। अस्पताल परिसर में खलबली मच गई थी।








