Uttarkashi Tunnel Accident: उत्तरकाशी टनल हादसे की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन, अंदर फंसे हैं 40 मजदूर

Uttarkashi Tunnel Accident: उत्तरकाशी टनल हादसे की जांच के लिए विशेषज्ञ समिति का गठन, अंदर फंसे हैं 40 मजदूर

उत्तरकाशी सुरंग दुर्घटना के बाद बचाव अभियान अभी भी जारी है. सुरंग का एक हिस्सा टूटने और मलबा गिरने से 40 मजदूर अंदर फंसे हुए हैं.

■ नारायण सिंह रावत

■ उत्तराखंड:- उत्तराखंड के उत्तरकाशी में सिलक्यारा-डंडालगांव सुरंग के एक हिस्से के ढहने से उसके अंदर 40 श्रमिक फंसे हुए हैं. इन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है. इसी बीच सरकार ने इस हादसे की जांच के आदेश दिए हैं. उत्तराखंड सरकार ने सुरंग दुर्घटना की जांच के लिए मंगलवार को छह सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया है. 

इस समिति में भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के उप महाननिदेशक द्वारा नामित अधिकारी, वाडिया हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान, देहरादून के निदेशक द्वारा नामित अधिकारी, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान देहरादून के निदेशक द्वारा नामित अधिकारी, भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय के निदेशक द्वारा नामित अधिकारी, उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण देहरादून के भू-वैज्ञानिक, उत्तराखंड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केन्द्र, देहरादून के वरिष्ठ भू-वैज्ञानिक शामिल हैं. 

मुख्यमंत्री ने किया था घटनास्थल का दौरा

ये हादसा दिवाली के दिन रविवार को हुआ था. राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस घटना की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं. पीएम मोदी ने भी सीएम से हादसे की जानकारी ली है और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है. मुख्यमंत्री धामी ने सोमवार सुबह खुद सिलक्यारा पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था और अधिकारियों से बचाव एवं राहत कार्यों की लगातार निगरानी करने और किसी भी प्रकार की कोताही न करने को कहा था. 

अंदर फंसे लोगों को भोजन-पानी, ऑक्सीजन भेजा

इस हादसे को लेकर राज्य आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा था कि प्रेशर के कारण हिस्सा ढहा है, हमारी प्राथमिकता है लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना. हम अंदर फंसे लोगों को भोजन-पानी, ऑक्सीजन मुहैया करा रहे हैं. बुधवार तक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा. सुरंग के अंदर फंसे लोगों से बातचीत हुई है. उन्होंने कहा है कि वे सुरक्षित हैं और अंदर मलबे की क्या स्थिति है, अंदर की स्थिति क्या इसकी जानकारी उनके द्वारा दी गई है. देहरादून से तकनीकी टीम भी आई है.

Narayan singh Rawat

Chief Editor 9917435143

You cannot copy content of this page