20 घंटे बाद खत्म हुआ सितारगंज तहसील का गतिरोध

■20 घंटे बाद खत्म हुआ सितारगंज तहसील का गतिरोध
■उच्च अधिकारियों से वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त, बंधनमुक्त हुई विजिलेंस टीम;
■राजस्व विभाग ने कहा—यह रिश्वत नहीं, राजस्व वसूली थी

【■नारायण सिंह रावत, सितारगंज】
सितारगंज तहसील में विजिलेंस की कार्रवाई के विरोध में शुरू हुआ राजस्व कर्मियों का आंदोलन करीब 20 घंटे बाद समाप्त हो गया। उच्च अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के बीच लंबी वार्ता के बाद सहमति बनने पर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन वापस ले लिया। इसके बाद तहसील कार्यालय के मुख्य गेट से ताला हटा दिया गया और सामान्य कामकाज बहाल हो गया।
करीब 20 घंटे तक चले गतिरोध के बाद तहसील परिसर में मौजूद विजिलेंस टीम भी बंधनमुक्त होकर वापस लौट गई। इसके साथ ही परिसर में सामान्य स्थिति बहाल होने लगी।
उधर, राजस्व विभाग ने पूरे प्रकरण पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि विजिलेंस टीम ने जिन दो कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की, वह राशि कथित रिश्वत नहीं बल्कि सरकारी राजस्व की वसूली थी।
विभाग का दावा है कि दोनों कर्मचारी विभाग के केस काउंटर पर वैधानिक राजस्व वसूली की प्रक्रिया में लगे थे, जिसे विजिलेंस ने रिश्वत की राशि मानकर कार्रवाई की। विभाग ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि संबंधित वसूली आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) के अनुपालन में राजस्व संहिता के तहत की जा रही थी।
उपजिलाधिकारी तुषार सैनी ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि बुधवार को विजिलेंस टीम ने वरिष्ठ लिपिक (बड़े बाबू) समेत दो कर्मचारियों को कथित रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। इसके विरोध में राजस्व कर्मियों ने तहसील परिसर में धरना शुरू कर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया था। लगभग 20 घंटे तक चले गतिरोध के बाद वार्ता सफल रही और आंदोलन समाप्त हो गया। अब पूरे मामले में जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।



