तहसील में विजिलेंस का शिकंजा, बड़े बाबू समेत दो कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार,पूरी खबर इस लिंक में पढ़े

■तहसील में विजिलेंस का शिकंजा, बड़े बाबू समेत दो कर्मचारी रिश्वत लेते गिरफ्तार
■कार्रवाई से मचा हड़कंप, राजस्व विभाग ने प्रेस नोट जारी कर वसूली अभियान को बताया पूरी तरह नियमसम्मत

■सितारगंज,संवाददाता।
सितारगंज तहसील में बुधवार को विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई से हड़कंप मच गया। विजिलेंस टीम ने वरिष्ठ लिपिक (बड़े बाबू) समेत दो कर्मचारियों को कथित रूप से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इसी बीच, राजस्व विभाग ने भी प्रेस नोट जारी कर हाल में चर्चा में रही राजस्व वसूली कार्रवाई पर अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए कहा कि पूरी कार्रवाई विधिसम्मत और राजस्व नियमों के अनुरूप की गई थी।
विजिलेंस के अनुसार, प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में एक कर्मचारी को ₹6 हजार तथा दूसरे कर्मचारी को ₹10 हजार की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अग्रिम कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
उधर, राजस्व विभाग ने अपने प्रेस नोट में स्पष्ट किया कि संग्रह अमीन क्षेत्र में की गई वसूली कार्रवाई किसी शिकायत या व्यक्तिगत कारण से नहीं, बल्कि जारी आर0सी0 (रिकवरी सर्टिफिकेट) के अनुपालन में की गई थी। विभाग के अनुसार संबंधित बकायेदार के विरुद्ध पहले से विधिवत नोटिस जारी एवं चस्पा किया जा चुका था। बकाया जमा न होने और विश्वसनीय सूचना मिलने पर राजस्व टीम ने नियमानुसार मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की।
विभाग ने यह भी कहा कि कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की मनमानी नहीं की गई और सभी कदम राजस्व संहिता व निर्धारित प्रक्रिया के तहत उठाए गए। प्रेस नोट में लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए कहा गया कि विभाग कानून के दायरे में रहकर ही राजस्व वसूली करता है तथा तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किए जाने से भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
दोनों घटनाओं के बाद तहसील परिसर में दिनभर चर्चाओं का दौर चलता रहा। एक ओर विजिलेंस रिश्वतखोरी के मामले की जांच में जुटी है, वहीं दूसरी ओर राजस्व विभाग ने अपने अधिकारियों की राजस्व वसूली की कार्रवाई का आधिकारिक पक्ष सामने रखकर उसे पूरी तरह वैधानिक बताया है। जांच पूरी होने के बाद ही दोनों मामलों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



