मांगें पूरी नहीं हुईं तो धान खरीद से हाथ खींच लेंगे राइस मिलर्स

■मांगें पूरी नहीं हुईं तो धान खरीद से हाथ खींच लेंगे राइस मिलर्स
■करीब 500 करोड़ के लंबित भुगतान समेत तीन मांगों को लेकर तहसील पहुंचे मिलर्स, तहसीलदार हिमांशु जोशी को सौंपा ज्ञापन

■सितारगंज। धान खरीद सत्र शुरू होने से पहले ही राइस मिलर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। राइस मिलर्स एसोसिएशन सितारगंज ने दो टूक कहा है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आगामी धान खरीद सत्र 2026-27 में मिलर्स सरकार के साथ अनुबंध नहीं करेंगे। सोमवार को एसोसिएशन के पदाधिकारी तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार हिमांशु जोशी को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की।
एसोसिएशन के मुताबिक चार सितंबर को रुद्रपुर में उत्तराखंड प्रदेश राइस मिलर्स एसोसिएशन की बैठक हुई थी। इसमें प्रदेशभर के मिलर्स और नई कार्यकारिणी के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में लंबित भुगतान और सीएमआर उठान समेत विभिन्न समस्याओं पर चर्चा के बाद मांगें पूरी होने तक नए सत्र में सरकारी अनुबंध नहीं करने का निर्णय लिया गया।
●500 करोड़ के भुगतान का मुद्दा सबसे बड़ा
मिलर्स ने ज्ञापन में कहा कि वर्ष 2019 से 2026 तक करीब 500 करोड़ रुपये के बिल लंबित हैं। इनका तत्काल भुगतान किया जाए। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 का करीब सात लाख टन चावल (सीएमआर) गोदामों से जल्द उठाने की मांग की गई है।
●मंडी शुल्क वापसी की भी मांग
राइस मिलर्स ने वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक जमा कराए गए 0.5 प्रतिशत मंडी शुल्क की वापसी की मांग की है। साथ ही आगामी धान खरीद सत्र में मंडी शुल्क का भुगतान विभाग द्वारा सीधे अपने खाते से किए जाने की मांग रखी है।
एसोसिएशन ने तहसीलदार से मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाकर जल्द समाधान कराने का आग्रह किया। मिलर्स ने स्पष्ट किया कि समस्याओं का समाधान नहीं होने पर आगामी धान खरीद प्रक्रिया में उनका सहयोग प्रभावित हो सकता है। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधिकारी ऊधम सिंह नगर और संभागीय खाद्य नियंत्रक कुमाऊं मंडल को भी भेजी गई है।इस दौरान राईस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सौरभ सिंघल,महामंत्री दर्पण खुराना,विनय मित्तल
विनोद मित्तल ,सुरेश अग्रवाल,पुनीत गोयल,अनिल सिंघल,ऋषभ गोयल,श्याम किशन गुप्ता आदि उपस्थित रहे!




