साइबर टिपलाइन के अलर्ट से बाल यौन शोषण सामग्री का खुलासा, युवक पर केस
■साइबर टिपलाइन के अलर्ट से बाल यौन शोषण सामग्री का खुलासा, युवक पर केस

■सितारगंज। अंतरराष्ट्रीय साइबर टिपलाइन से मिले अलर्ट के बाद ऊधम सिंह नगर पुलिस ने बाल यौन शोषण सामग्री (सीएसएएम) से जुड़े एक मामले का खुलासा करते हुए शक्तिफार्म क्षेत्र के एक युवक के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67बी के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया खातों से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। पुलिस ने आईफोन को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से प्राप्त साइबर टिपलाइन रिपोर्ट, डिजिटल दस्तावेज और सीलबंद सीडी की जांच वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर की गई। जांच के दौरान सीडी में मौजूद तीन वीडियो क्लिप और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का परीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में इन वीडियो में कथित तौर पर बाल यौन शोषण से संबंधित सामग्री होने के संकेत मिलने पर मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच का दायरा बढ़ाया गया।
तकनीकी विश्लेषण में साइबर टिपलाइन रिपोर्ट में दर्ज मोबाइल नंबर शक्तिफार्म निवासी एक युवक से जुड़ा मिला। पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए बुलाया और उसके मोबाइल फोन की जांच की। जांच के दौरान आईफोन एक्सएस मैक्स से संबंधित मोबाइल नंबर, जीमेल आईडी और इंस्टाग्राम अकाउंट से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात सामने आई। पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि उसकी पुरानी इंस्टाग्राम आईडी बंद हो गई थी, जिसके बाद उसने मिलते-जुलते नाम से नई आईडी बनाकर उसका उपयोग शुरू किया।
पुलिस का कहना है कि कथित आपत्तिजनक सामग्री के संबंध में युवक संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए उसका मोबाइल फोन विधिवत सीज कर दिया गया। ई-साक्ष्य एप के माध्यम से मोबाइल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि डिजिटल साक्ष्यों की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
प्रथम दृष्टया उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67बी के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जब्त मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट मिलने के बाद यदि अन्य तकनीकी साक्ष्य सामने आते हैं तो मामले में आवश्यकतानुसार अन्य धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।
★सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग की अपील
पुलिस ने नागरिकों से सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि बाल यौन शोषण से संबंधित किसी भी प्रकार की सामग्री का देखना, डाउनलोड करना, संग्रहित करना या साझा करना गंभीर दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में साइबर पुलिस लगातार निगरानी कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


