एसटीएफ के छापे में लाखों नकली गोलियां, 15 हजार सिरप की बोतलें, अवैध शराब और फर्जी पैकेजिंग का जखीरा बरामद

■बाजपुर में नकली दवाइयों का सबसे बड़ा भंडाफोड़
■एसटीएफ के छापे में लाखों नकली गोलियां, 15 हजार सिरप की बोतलें, अवैध शराब और फर्जी पैकेजिंग का जखीरा बरामद
■नामी कंपनियों के नाम पर तैयार हो रही थीं जीवन रक्षक दवाइयां, एक आरोपी गिरफ्तार; पूरे नेटवर्क की तलाश जारी

■बाजपुर(उत्तराखंड)। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने ऊधमसिंहनगर के बाजपुर स्थित एक फैक्ट्री पर छापा मारकर नकली एलोपैथिक दवाइयों के बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में बिना वैध औषधि निर्माण लाइसेंस के प्रतिष्ठित दवा कंपनियों के नाम से बनाई जा रही लाखों नकली गोलियां, करीब 15 हजार सिरप की बोतलें, दवा निर्माण की मशीनें, भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब, आबकारी होलोग्राम और पैकिंग सामग्री बरामद की गई। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ कुमाऊं यूनिट और औषधि प्रशासन विभाग ने बाजपुर के औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोविल बायोटैक परिसर में छापेमारी की। यहां से बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी धीरेन्द्र पुत्र ब्रह्म सिंह को गिरफ्तार किया गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी आयुर्वेदिक एवं फूड लाइसेंस की आड़ में STADMED, Macleods, Intas, Sun Pharma सहित कई प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम से नकली एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण और पैकेजिंग कर बाजार में सप्लाई कर रहा था। बरामद दवाओं का उपयोग एंटीबायोटिक, एंटासिड, दर्द निवारक, न्यूरोपैथिक पेन, प्रोस्टेट, कैल्शियम, विटामिन और आयरन सप्लीमेंट के उपचार में किया जाता है।
आरोपी की निशानदेही पर एनएच-74 स्थित गोदाम से भी भारी मात्रा में तैयार नकली दवाइयां, पैकिंग सामग्री और अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने हरियाणा से शराब मंगाकर उत्तराखंड में सप्लाई करने की बात भी स्वीकार की है।
एसटीएफ ने मौके से एक लाख से अधिक टैबलेट, करीब 15 हजार सिरप की बोतलें, विभिन्न ब्रांडों की नकली दवाइयां, एसएस टैंक, फिलिंग मशीन, सीलिंग मशीन, लेबलिंग मशीन सहित निर्माण उपकरण तथा बड़ी मात्रा में शराब, होलोग्राम, रैपर और पैकिंग सामग्री जब्त की है।
आरोपी के खिलाफ बाजपुर थाने में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अवैध शराब के मामले में आबकारी अधिनियम के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ का कहना है कि पूरे नेटवर्क की पहचान कर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।
★हाइलाइट्स
●बिना वैध लाइसेंस के बन रही थीं नकली ●एलोपैथिक दवाइयां।
एक लाख से अधिक टैबलेट और करीब 15 हजार सिरप की बोतलें बरामद।
●नामी दवा कंपनियों के नाम से की जा रही थी पैकेजिंग।
●अवैध अंग्रेजी शराब, आबकारी होलोग्राम और पैकिंग सामग्री भी मिली।
●एक आरोपी गिरफ्तार, पूरे गिरोह की तलाश में एसटीएफ की जांच जारी।
★संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई को एसटीएफ उत्तराखंड की कुमाऊं यूनिट, औषधि प्रशासन विभाग, स्थानीय पुलिस एवं आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
एसटीएफ टीम: निरीक्षक विकास चौधरी, उपनिरीक्षक विपिन चंद्र जोशी, उपनिरीक्षक के.जी. मठपाल, मुख्य आरक्षी महेंद्र गिरी, मुख्य आरक्षी रविंदर सिंह, मुख्य आरक्षी किशोर कुमार, आरक्षी जितेंद्र कुमार तथा तकनीकी सहायक किशन चंद्र शर्मा।
औषधि प्रशासन टीम: वरिष्ठ औषधि निरीक्षक नीरज कुमार, वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मीनाक्षी बिष्ट, औषधि निरीक्षक निधि शर्मा, औषधि निरीक्षक शुभम कोटनाला एवं औषधि निरीक्षक अर्चना उप्पल।
स्थानीय पुलिस: उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह, उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह मेहता एवं आरक्षी समीर चौहान।
आबकारी विभाग: निरीक्षक महेंद्र सिंह बिष्ट एवं निरीक्षक कृष्ण चंद।



