■बड़ी खबर-सड़क हादसा समझी गई मौत निकली सुनियोजित हत्या,

■सड़क हादसा समझी गई मौत निकली सुनियोजित हत्या,
■पत्नी ही निकली साजिश की मास्टरमाइंड
■प्रेम प्रसंग में पति को रास्ते से हटाने की रची पटकथा, दो नाबालिग साथियों ने गर्दन से सटाकर मारी गोली; 48 घंटे में पुलिस ने खोला सनसनीखेज राज

■काशीपुर। प्रतापपुर क्षेत्र में धान के खेत में दुर्घटनाग्रस्त मिली कार और उसमें खून से लथपथ मिले युवक की मौत का रहस्य महज 48 घंटे में खुल गया। जिसे पुलिस और लोग शुरुआत में सड़क हादसा समझ रहे थे, वह दरअसल पति की सुनियोजित हत्या की साजिश निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी ने कथित प्रेम प्रसंग के चलते पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। वारदात को अंजाम देने के लिए दो विधि-विवादित किशोरों की मदद ली गई।
मृतक की पहचान संजीव कुमार (24) पुत्र सोमल सिंह, निवासी बाजावाला, ढकिया नंबर-1, कुंडेश्वरी, काशीपुर के रूप में हुई। 17 अगस्त की सुबह उसकी स्विफ्ट कार प्रतापपुर क्षेत्र में सड़क किनारे धान के खेत में अनियंत्रित अवस्था में मिली थी। कार के भीतर संजीव खून से लथपथ मिला था। घटनास्थल की स्थिति सड़क हादसे जैसी थी, लेकिन पंचायतनामा के दौरान पुलिस की नजर उसके गले पर पड़े संदिग्ध चोट के निशानों पर गई। यहीं से जांच ने नया मोड़ लिया।
★गले के निशान ने हादसे की कहानी पर खड़े किए सवाल
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए चिकित्सकों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया। मृतक की पत्नी निशा की तहरीर पर कोतवाली काशीपुर में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर एसपी और सीओ काशीपुर के निर्देशन में कोतवाली पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीमें जांच में जुट गईं।
★मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी से खुलने लगी साजिश
जांच के दौरान पत्नी निशा से पूछताछ की गई। पुलिस ने उसके बयानों को मोबाइल सीडीआर, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मिलाया। बयानों और साक्ष्यों में विरोधाभास मिलने के बाद पुलिस का शक गहराता गया। जांच की कड़ियां मृतक की पत्नी और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों तक पहुंचीं।
★पति की दुकान पर काम करता था आरोपी, वहीं से शुरू हुआ प्रेम प्रसंग
पुलिस के अनुसार संजीव की ग्राम थारी, रामनगर में टेंट की दुकान थी। शिवम सैनी और कर्मजीत सिंह वहां हेल्पर के तौर पर काम करते थे। इसी वजह से शिवम का संजीव के घर भी आना-जाना था। इसी दौरान शिवम और संजीव की पत्नी निशा के बीच कथित प्रेम संबंध हो गए। पति-पत्नी के बीच विवादों की जानकारी भी निशा शिवम को देने लगी। पुलिस के मुताबिक इसके बाद दोनों ने संजीव को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और शिवम ने कर्मजीत को भी साजिश में शामिल कर लिया।
★जन्मदिन की पार्टी के बहाने निकले, कार में ही रची गई हत्या की वारदात
16 अगस्त को शिवम का जन्मदिन था। पुलिस के अनुसार जन्मदिन मनाने और रामनगर घूमने के बहाने शिवम और कर्मजीत संजीव के साथ उसकी कार में सवार हुए। रामनगर में मौका नहीं मिलने पर तीनों वापस काशीपुर की ओर लौटे। राजपुर रोड, थारी के पास कार में पीछे बैठे कर्मजीत ने कथित तौर पर 12 बोर के तमंचे से संजीव की गर्दन के बाईं ओर सटाकर गोली मार दी।
गोली लगते ही कार अनियंत्रित होकर खेत में जा गिरी। इसके बाद दोनों आरोपी घायल संजीव को कार में छोड़कर फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक घटना के बाद शिवम ने फोन कर निशा को वारदात की जानकारी दी। साजिश का मकसद हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देना था।
★मालवा फार्म पुलिया के पास पकड़े गए दोनों किशोर
पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश और मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। 19 अगस्त को कुंडेश्वरी क्षेत्र में मालवा फार्म पुलिया के पास शिवम और कर्मजीत को पकड़ लिया गया। पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर 12 बोर का तमंचा, तीन खोखे, पांच जिंदा कारतूस और रक्तरंजित कपड़े बरामद किए गए।
विवेचना में दोनों के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच से उनके नाबालिग होने की पुष्टि हुई। दोनों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पत्नी निशा को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
★एसएसपी के निर्देशन में 48 घंटे में खुला हत्या का राज
सड़क हादसे के रूप में सामने आए मामले को हत्या में बदलने और महज 48 घंटे में साजिश का पर्दाफाश करने को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी, फोरेंसिक साक्ष्य और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने घटनाक्रम की कड़ियां जोड़कर कथित हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया।
★बरामदगी:
12 बोर का तमंचा, तीन खोखे, पांच जिंदा कारतूस और रक्तरंजित कपड़े।
★पुलिस टीम: एसएसआई नवीन बुधानी, एसआई कौशल भाकुनी, एसआई मनोज सिंह धौनी, एसआई मीना रावत, एसआई गणेश पांडे, एसआई संजय सिंह, एसआई कंचन पडलिया, एसआई गिरीश चंद्र सहित कोतवाली काशीपुर की टीम तथा एसओजी काशीपुर के एसआई सुनील सुतेड़ी, कांस्टेबल इमरान और हरीश।



