सीएचसी में प्रसूता की मौत पर हंगामा, सीएचसी अधीक्षक पर लापरवाही का आरोप

■सीएचसी में प्रसूता की मौत पर हंगामा, सीएचसी अधीक्षक पर लापरवाही का आरोप
■शनिवार रात करीब 2:00 बजे से रविवार सुबह तक चलता रहा हंगामा

■ सितारगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सितारगंज में बच्चे के जन्म के बाद प्रसूता की मौत हो गई। शनिवार रात से सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक और सीएचसी अधीक्षक पर आरोप लगाकर हंगामा करते रहे। परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला का समय से अच्छी तरीके से इलाज नहीं किया गया और उसे सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने निजी अस्पताल के रेफर कर दिया।

ग्राम गोठा निवासी आरती की शादी सिकंदर से हुई थी। आरती गर्भवती थी और प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर परिवारजन पहुंचे। अस्पताल में आरती ने बच्चों को जन्म दिया और उसकी हालत बिगड़ने लगी। इस पर सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों ने उसे निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। इस बीच शनिवार करीब 2:00 बजे रात महिला की मौत हो गई। रात में ही पर परिजन चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगा कर हंगामा करने लगे। सूचना पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और लोगों को समझने लगी। परिजनों ने आरोप लगाया कि महिला का इलाज में लगातार लापरवाही बरती गई। अंतिम समय में सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ने उसे महिला को अस्पताल ले जाने के लिए रेफर कर दिया।
【चित्र परिचय-नवतेज पाल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता】
इधर, भीम आर्मी के पूर्व जिलाध्यक्ष सतेंद्र कुमार कहा कि सत्ताधारी व विभाग मेहरबानी है सीएमएस डॉ कुलदीप यादव पर जो पूर्व में आरोप लगने के बाद भी इसको ओर सीनियर डॉक्टर होने के बाद भी इसको प्राभार दिया गया। अगर इसको जल्द पद मुक्त नहीं किया गया जल्द आंदोलन किया जाएगा।
वरिष्ठ कांग्रेसी नेता व पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष नवतेज पाल ने कहा आए दिन इस अस्पताल में लापरवाही बरती जा रही है। जिसके चलते कई लोगों की जान चली गई है। उन्होंने कहा कि डॉ कुलदीप यादव जूनियर है और सिर्फ एमबीएस हैं। इनको क्यो सीएमएस बनाया है। कई और सीनियर डॉ हैं उनको मौका दिया जाए।





