बेमौसमी धान की खेती पर प्रशासन का चला डंडा, नष्ट कराई नर्सरी

बेमौसमी धान की खेती पर प्रशासन का चला डंडा, नष्ट कराई नर्सरी

■बेमौसमी धान की खेती पर प्रशासन का चला डंडा, नष्ट कराई नर्सरी

■प्रशासन की टीम ने बिना अनुमति धान की खेती पर कार्रवाई की दी चेतावनी

■-नारायण सिंह रावत-

■सितारगंज। प्रतिबंध के बावजूद ग्रीष्म कालीन बेमौसमी धान की खेती पर प्रशासन का डंडा चला। प्रशासन ने तुर्का तिसौर और कल्याणपुर के बाद चिकाघाट में प्रशासन ने धान की नर्सरी नष्ट कर दी। अधिकारियों ने ट्रैक्टर से नर्सरी को नष्ट किया और किसानों को भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी। बेमौसमी धान की खेती पर रोक है और केवल कुछ किसानों को अनुमति दी जाती है।

बिना अनुमति बेमौसमी धान की नर्सरी तैयार करने पर प्रशासन की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर चलाकर नर्सरी को नष्ट कर दिया। इस दौरान खेत स्वामियों को सख्त हिदायत देते हुए भविष्य में ऐसा पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई। प्रशासन ने गत वर्ष से बेमौसमी धान की खेती पर रोक लगा रखी है। आवश्यकता के अनुसार कुछ किसानों को ही अनुमति दी जाती है। इस बार प्रशासन ने आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने के लिए बिना अनुमति धान की नर्सरी तैयार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी थी। ग्राम तुर्का तिसौर व कल्याणपुर में बेमौसमी धान की नर्सरी लगाए जाने की सूचना प्रशासन को मिली।

सूचना पर पहुंची टीम ने खेतों का निरीक्षण किया, जहां बिना अनुमति धान की पौध तैयार की जा रही थी। जांच में बेमौसमी धान की नर्सरी पाए जाने पर प्रशासन ने मौके पर ही ट्रैक्टर मंगवाकर नर्सरी को नष्ट करा दिया। एसडीएम रविंद्र जुवांठा ने बताया कि बेमौसमी धान की फसल लगाने पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद कुछ किसान बेमौसमी धान की नर्सरी तैयार कर रहे थे। इससे फसल चक्र प्रभावित होता है और कीट व रोगों का खतरा भी बढ़ जाता है। उन्होंने किसानों से शासन के निर्देशों का पालन करने और निर्धारित समय पर ही धान की नर्सरी तैयार करने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि भविष्य में बेमौसमी धान की नर्सरी मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार हिमांशु जोशी, नायब तहसीलदार नरेंद्र गहतोड़ी, कानूनगो प्रवीण गहतोड़ी, कृषि अधिकारी कैलाश पंत और पटवारी अनंत कुमार मौजूद रहे।

केवल दलदली भूमि पर दी जाती है ग्रीष्मकालीन धान रोपाई की अनुमति
उपजिलाधिकारी रविन्द्र कुमार जुवाठा ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया की ग्रीष्मकालीन धान लगाने की अनुमति केवल उन्हीं क्षेत्रों में दी जाती है जहां भूमि दलदली हो और अन्य कोई फसल उगाना संभव न हो, प्रशासन ने विगत दिनों से ग्रीष्मकालीन धान की अवैध खेती के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। इससे पूर्व चीकाघाट क्षेत्र में राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए धान की नर्सरी नष्ट की और बीज जब्त किए. विरोध के बीच किसानों को शासन के नियमों की जानकारी दी गई।

Narayan singh Rawat

Chief Editor 9917435143

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