शक्तिफार्म में पनप रही अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन की नजर

■शक्तिफार्म में पनप रही अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन की नजर
■ पट्टे व कृषि भूमि को स्टांप पर बेचने का खेल जारी
■ तहसीलदार बोले— अवैध कॉलोनी पर होगी पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई

■शक्तिफार्म। क्षेत्र के लगभग प्रत्येक गांव में पट्टे एवं कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां काटे जाने का गोरखधंधा चरम पर है। अब इन अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि अवैध कॉलोनियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए राजस्व उप निरीक्षकों को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच में अवैध कॉलोनी पाए जाने पर संबंधित भूमि का पट्टा निरस्त करने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। साथ ही सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण पर विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
शक्तिफार्म क्षेत्र में अधिकांश लोगों के पास पट्टे की भूमि है। वर्ष 2012 में औद्योगिक क्षेत्र सिडकुल की स्थापना के बाद से ही यहां की कृषि व पट्टे की भूमि पर भूमाफियाओं की नजर पड़ गई थी। प्रारंभ में चोरी-छिपे ढंग से कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां काटी जा रही थीं, लेकिन बीते कुछ वर्षों से यह धंधा प्रशासन की नाक के नीचे खुलेआम फल-फूल रहा है।
स्थिति यह है कि क्षेत्र में विकसित की जा रही अधिकांश कॉलोनियां न तो रेरा से पंजीकृत हैं, न ही भूमि को अकृषि घोषित कराया गया है। इसके बावजूद कृषि भूमि पर प्लॉटिंग कर बेखौफ बिक्री की जा रही है। इन कॉलोनियों में न तो सड़क, न नाली और न ही अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कृषि भूमि पर कॉलोनी विकसित करना कानूनन अपराध है, फिर भी यह खेल खुलेआम जारी है।
तहसीलदार हिमांशु जोशी ने स्पष्ट किया कि सभी राजस्व उप निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां पट्टा निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

(चित्र परिचय-स्रोत इंटरनेट)
स्टांप पर ही खरीद-बिक्री का खेल जारी
शक्तिफार्म। प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र में प्रतिदिन लाखों रुपये की भूमि की खरीद-बिक्री केवल स्टांप पर ही की जा रही है। कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनियां काटने का यह खेल नगर पंचायत क्षेत्र के आसपास सुरेंद्रनगर, टैगोर नगर, रुद्रपुर, देवनगर, बैकुंठपुर, गोविंद नगर, कुशमौठ तथा सिडकुल मार्ग पर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। हैरानी की बात यह है कि इन अवैध कॉलोनियों पर अब तक प्रशासन की ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
प्रलोभन में फंस रहे क्रेता
शक्तिफार्म। कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले भूमाफिया प्लॉट बेचते समय लोगों को तमाम लुभावने सपने दिखाते हैं। नाली, सड़क निर्माण, बिजली लाइन बिछाने जैसे वादे किए जाते हैं, लेकिन प्लॉट की बिक्री होते ही भूमाफिया कॉलोनी की ओर पलटकर भी नहीं देखते। परिणामस्वरूप प्लॉट खरीदने वालों को जल निकासी, सड़क, विद्युत जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।






