हाइवे कंपनी RCL पर एफआईआर, मचा हड़कंप

■बैगुल नदी में अवैध खनन पर वन विभाग का कड़ा प्रहार, छह डंपर सीज
■हाइवे कंपनी आरसीएल पर एफआईआर, मचा हड़कंप

■सितारगंज। बैगुल नदी के आरक्षित वन क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध खनन पर वन विभाग ने कड़ा प्रहार करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। वन विभाग की टीम ने छापेमारी कर सिल्ट से भरे छह डंपरों को मौके से सीज कर दिया। साथ ही हाइवे निर्माण कंपनी आरसीएल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए अवैध खनन माफिया पर शिकंजा कस दिया है।
यह कार्रवाई वन क्षेत्राधिकारी बाराकोली रेंज (सितारगंज) कैलाश चंद्र गुणवंत के नेतृत्व में की गई। सीज किए गए सभी डंपरों को शक्तिफार्म स्थित वन विभाग परिसर में खड़ा कराया गया है। कार्रवाई के बाद खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया। वन विभाग को बैगुल नदी के आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध रूप से सिल्ट खनन किए जाने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सूचना की पुष्टि के बाद वन विभाग की टीम ने अचानक मौके पर पहुंचकर छापा मारा, जहां अवैध रूप से सिल्ट का परिवहन करते छह डंपर पकड़े गए। टीम ने बिना देरी किए सभी वाहनों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया। वन क्षेत्राधिकारी कैलाश चंद्र गुणवंत ने बताया कि बैगुल नदी आरक्षित वन क्षेत्र के अंतर्गत आती है, जहां बिना सक्षम अनुमति किसी भी प्रकार का खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन से वन संपदा को भारी नुकसान पहुंच रहा है और पर्यावरणीय संतुलन को गंभीर खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पकड़े गए डंपरों के विरुद्ध वन अधिनियम एवं अन्य संबंधित नियमों के तहत सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है। साथ ही हाइवे कंपनी आरसीएल को भी इस अवैध खनन के लिए जिम्मेदार मानते हुए अभियोग पंजीकृत किया गया है। वन क्षेत्राधिकारी ने चेतावनी दी कि आरक्षित वन क्षेत्र में अवैध खनन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।




