स्मार्ट मीटर के खिलाफ उबाल: खून से मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, पुराने मीटर बहाल करने की मांग

■स्मार्ट मीटर के खिलाफ उबाल: खून से मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, पुराने मीटर बहाल करने की मांग

■हल्द्वानी। स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश अब खुलकर सड़कों पर दिखाई देने लगा है। बुधवार को वार्ड-27 के पार्षद रोहित कुमार के नेतृत्व में पार्षदों और सैकड़ों क्षेत्रवासियों ने बुद्ध पार्क से एसडीएम कोर्ट परिसर तक विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम अपने खून से पत्र लिखकर स्मार्ट मीटर हटाने, बढ़े हुए बिजली बिल माफ करने और विवादित बिलों की वसूली पर तत्काल रोक लगाने की मांग उठाई।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। इससे मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनका आरोप है कि उपभोक्ताओं की शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
प्रदर्शन के बाद सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए, जांच में दोष मिलने पर अतिरिक्त बिल माफ किए जाएं, पुराने बिजली मीटर दोबारा लगाए जाएं तथा जांच पूरी होने तक किसी भी उपभोक्ता से विवादित बिलों की वसूली पर रोक लगाई जाए।
सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त कर उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
प्रदर्शन में पार्षद हेमंत कुमार मोना, सलीम सैफी, सलमान सिद्दीकी, रईस अहमद गुड्डू, समीर अंसारी, पार्षद प्रतिनिधि मुकीम सैफी, नदीम सैफी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
मुख्य मांगें
स्मार्ट बिजली मीटर हटाकर पुराने मीटर दोबारा लगाए जाएं।
बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कर अतिरिक्त राशि माफ की जाए।
जांच पूरी होने तक विवादित बिजली बिलों की वसूली पर रोक लगाई जाए।
उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत प्रदान की जाए।




