ऐक्टू नगर सम्मेलन में श्रमिकों के अधिकारों की आवाज बुलंद, 42 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग

■ऐक्टू नगर सम्मेलन में श्रमिकों के अधिकारों की आवाज बुलंद, 42 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग

■रुद्रपुर। ऑल इंडिया सेंटर काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (ऐक्टू) के नगर सम्मेलन में श्रमिकों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। वक्ताओं ने बढ़ती महंगाई, श्रम कानूनों में बदलाव और महिला स्कीम वर्कर्स की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की। सम्मेलन में चारों लेबर कोड वापस लेने, न्यूनतम मासिक वेतन 42 हजार रुपये निर्धारित करने और आशा, आंगनबाड़ी व भोजनमाता समेत महिला स्कीम वर्कर्स को राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।
आहूजा धर्मशाला में शनिवार को आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऐक्टू के राज्य महामंत्री केके बोरा ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन मजदूरों की आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने 44 श्रम कानूनों को समाप्त कर लागू किए गए चार नए लेबर कोड से श्रमिकों का शोषण बढ़ा है और कई संस्थानों में बिना उचित ओवरटाइम भुगतान के 12-12 घंटे तक काम कराया जा रहा है। उन्होंने हाल के श्रमिक आंदोलनों को सरकार की श्रम नीतियों का परिणाम बताया।
जिलाध्यक्ष दिनेश तिवारी ने कहा कि विभिन्न राज्यों में बढ़ाया गया न्यूनतम वेतन मौजूदा महंगाई के मुकाबले पर्याप्त नहीं है। उन्होंने कहा कि सिडकुल क्षेत्र में श्रमिकों के शोषण की शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जिसके खिलाफ मजदूरों को संगठित होकर संघर्ष करना होगा।
जिला सचिव अनीता अन्ना ने कहा कि आशा, आंगनबाड़ी, भोजनमाता सहित अन्य महिला स्कीम वर्कर्स लंबे समय से राज्यकर्मी का दर्जा और न्यूनतम वेतन की मांग कर रही हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन कर्मचारियों पर लगातार कार्यभार बढ़ा रही है।
सम्मेलन में संगठन के नगर पदाधिकारियों का चुनाव भी हुआ। हीरा सिंह राठौर को नगर अध्यक्ष, प्रकाश नेगी को नगर सचिव, कमल सिंह को उपाध्यक्ष तथा प्रकाश बोरा को उप सचिव चुना गया। इसके अलावा निरंजन लाल, कमलेश कार्की, वीरेंद्र सिंह, नमिता सरकार, हेमंत भट्ट और पुष्कर खाती को कार्यकारिणी सदस्य बनाया गया। कार्यक्रम में उत्तम दास, गोपाल दत्त तिवारी, मोहन सिंह, रीता कश्यप, आनंद रावत, संदीप हुड्डा, इंद्रजीत कुमार, विजय शर्मा, कार्तिक सरकार, नरेश कुमार समेत बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।





