धान खरीद पर पेच, मंडी में बढ़ रही किसानों की आवक; खरीद व्यवस्था पर असमंजस

■ धान खरीद पर पेच, मंडी में बढ़ रही किसानों की आवक; खरीद व्यवस्था पर असमंजस
■कच्चा आढ़तियों ने पंजीकरण से पहले मांगा लिखित आश्वासन, 34 राइस मिलर्स ने कस्टम हिलिंग शुरू करने पर जताई सहमति
■सितारगंज। मंडी में धान लेकर पहुंचने वाले किसानों की आवक लगातार बढ़ रही है, लेकिन कच्चा आढ़ती के माध्यम से धान खरीद को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। विभाग और राइस मिलर्स के बीच पंजीकरण की शर्तों पर सहमति नहीं बनने से खरीद व्यवस्था को लेकर असमंजस बना हुआ है। ऐसे में किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। किसान अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार कर रहे हैं, जबकि कच्चा आढ़तियों ने पंजीकरण से पहले विभाग से कई बिंदुओं पर लिखित आश्वासन मांगा है।

खरीफ खरीद सत्र 2026-27 की नीति के तहत कच्चा आढ़ती के माध्यम से किसानों का धान खरीदा जाना है। विभागीय पत्र के अनुसार, अब तक किसी भी कच्चा आढ़ती या राइस मिलर ने पंजीकरण के लिए आवश्यक अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए हैं। इसी मुद्दे पर मंडी समिति सितारगंज में राइस मिल एसोसिएशन, कच्चा आढ़तियों और मंडी समिति के वरिष्ठ विपणन अधिकारियों के बीच बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कच्चा आढ़तियों ने पंजीकरण पर सहमति देने से पहले तीन प्रमुख बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने पूछा कि कस्टम हिलिंग के लिए बैंक गारंटी के सापेक्ष मिलों को कितनी मात्रा में धान उपलब्ध कराया जाएगा। कच्चा आढ़ती मद में खरीदे गए धान पर मंडी शुल्क और विकास सेस जमा करने की जिम्मेदारी किसकी होगी और निर्धारित समय पर भुगतान नहीं होने पर ब्याज का भुगतान किस स्तर से किया जाएगा, इस पर भी लिखित आश्वासन मांगा गया।
●पिछले सत्र के चावल के उतार की समयसीमा भी मांगी
बैठक में खरीफ खरीद सत्र 2025-26 के दौरान कच्चा आढ़ती मद में खरीदे गए धान से तैयार चावल के उतार की समयसीमा स्पष्ट करने की मांग भी उठी। कच्चा आढ़तियों का कहना है कि इन बिंदुओं पर लिखित जानकारी मिलने के बाद ही पंजीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर निर्णय लिया जा सकेगा।
●34 राइस मिलर्स ने काम शुरू करने पर जताई सहमति
विभागीय पत्र के अनुसार, पिछले वर्ष पंजीकृत मिलर्स में से 34 ने अगले दिन से कस्टम हिलिंग का काम शुरू करने पर सहमति दी है। बैठक में उठाए गए मुद्दों और कच्चा आढ़तियों की मांगों से संबंधित पत्र आवश्यक कार्रवाई के लिए संभागीय खाद्य नियंत्रक, कुमाऊं संभाग, हल्द्वानी को भेजा गया है।
●किसानों की बढ़ती आवक के बीच फैसले का इंतजार
मंडी में धान की आवक बढ़ने के बीच खरीद व्यवस्था को लेकर निर्णय नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में विभागीय अधिकारियों के सामने खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाने और कच्चा आढ़तियों की शंकाओं का समाधान करने की चुनौती है। अब देखना होगा कि विभाग इन मांगों पर कब तक स्थिति स्पष्ट करता है, ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।




