देखा हमने प्यार तुम्हारी आंखों में…’ से वंदना शर्मा ने बांधा समां

■‘देखा हमने प्यार तुम्हारी आंखों में…’ से वंदना शर्मा ने बांधा समां
■किसान मेले के कवि सम्मेलन में गूंजीं काव्य की स्वर लहरियां, ‘है कर्मभूमि यह देवभूमि’ का हुआ विमोचन
【नारायण सिंह रावत】
■पंतनगर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में चल रहे किसान मेले के तीसरे दिन गांधी हॉल में आयोजित कवि सम्मेलन में नैनीताल की कवयित्री वंदना शर्मा की गजल ‘देखा हमने प्यार तुम्हारी आंखों में…’ ने महफिल लूट ली। उनकी भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को देर तक बांधे रखा। गजल की पंक्तियों पर गांधी हॉल तालियों से गूंज उठा। प्रेम और संवेदनाओं से सराबोर उनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने खूब सराहा।

कवि सम्मेलन में अलग-अलग रंग की कविताओं ने श्रोताओं को भाव-विभोर किया। काशीपुर के विवेक व्योम ने ओजस्वी कविता पाठ कर खूब तालियां बटोरीं। वहीं, विवेक बादल बाजपुरी ने किसानों को समर्पित पंक्तियां पढ़कर अन्नदाताओं के योगदान को रेखांकित किया। कवयित्री सीमा मौर्या और बरेली की नेहा मिश्रा ने बेटियों पर आधारित भावपूर्ण कविताएं प्रस्तुत कीं। उनकी रचनाओं ने श्रोताओं को भावुक कर दिया।
डॉ. बृजेश सिंह, संयुक्त निदेशक श्रम कल्याण, ने समय विषय पर विशेष कविता प्रस्तुत की। डॉ. ओम शंकर मिश्रा ने गजल के माध्यम से श्रोताओं को गुदगुदाया। पूनम त्रिपाठी, डॉ. गीता चौहान और डॉ. भूपेश सिंह ने भी काव्य पाठ कर महफिल में रंग भर दिया।
★कुलपति ने किया काव्य संग्रह का विमोचन
कवि सम्मेलन के दौरान विश्वविद्यालय के कवि केपी सिंह विकल द्वारा रचित काव्य संग्रह ‘है कर्मभूमि यह देवभूमि’ का कुलपति डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने विमोचन किया। यह कवि विकल का दूसरा काव्य संग्रह है। इससे पूर्व उनका गजल संग्रह ‘कजा आएगी इक दिन’ प्रकाशित हो चुका है। सम्मेलन का संयोजन और संचालन भी केपी सिंह विकल ने किया।
इस अवसर पर डॉ. विपिन ध्यानी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, डॉ. घोष, डॉ. पूनम त्यागी, डॉ. आशा शुक्ला, डॉ. किरण आर्य, सहायक सुरक्षा अधिकारी रविंद्र मिश्र, ईश्वरपाल सिंह और त्रिलोकी शंकर सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी और साहित्यप्रेमी मौजूद रहे।




